नोने की कफ़न दगड़ी आयुचा नोनो कू आखरी रैबार
देश का खातिर शहीद व्हे ग्यों माँ मि छोडेल मिन यु संसार
बीर शहीद की माँ छै तु मेरी लाश देखिकी गम नि कैरी
गर्व से रखि सर अपडु उन्चू अपडी आँखी नम नि कैरी
प्राण देकी तै वचन निभाई मिन गोली खाई छतिमा
बैरयूँ का खुठा पोण नि देन मिन अपड़ी धरतीमा
नोने की कफ़न दगड़ी आयुचा नोनो कू आखरी रैबार
देश का खातिर शहीद व्हे ग्यों माँ मि छोडेल मिन यु संसार
अरे बोल्दन बल, बाबा का कंधा मा होंदु सबसे जादा गरु नोने की अर्थी कु बोझ
लेकिन मी बोल्दो अगर मेरा सौ लड़िक भी होंदा, मि ऊंतै देश पर कुर्वान करदू हर रोज
हमरि आंख्युं कु तारा आज सरा देश कु तारा बणि गयई
आकाश मा चमकूणुच वू आज हमरू नौ रोशन कर गयई
नोने की कफ़न दगड़ी आयुचा नोनो कू आखरी रैबार
देश का खातिर शहीद व्हे ग्यों बाबा मि छोडेल मिन यु संसार
भै भी बन्दुदु बैण पर राखी काश होंदु इनु रिवाज
बैण भी बोडरमा जैकी भै की रक्षा करदी आज
मेरा भैजिन राखी का धागों कु फर्ज आज निभेयेल
अपणि मात्रभूमि तै दुश्मन की नापाक नजरू से बाचयेल
भैजी की कफ़न दगड़ी अयुन्चा भैजी कु आखरी रैबार
देश का खातिर शहीद व्हे ग्यों भुली मि, छोडेल मिन यु संसार
फुन्जेगी मेरा मुंडो सिंदूर, फिर भी मेरु मन निचा दुखी
वुंकि एक कुर्वानी लाखू माँ बैणयूँ कू कुटुंब कैरगी सुखी
कट जाली ज़िन्दगी मेरी ये ही सहरा पर की मिलन होलू हमरू अग्ल्या जन्म मा
बीर शहीदे की बिधवा बोलला लोग जब मैकू तै, त अपार खुशी होलि मेरा मनमा
स्वामी का कफ़न दगड़ी स्वामी का कफ़न दगड़ी आयुचा स्वामी कू आखरी रैबार
देश का खातिर शहीद व्हे ग्यों प्रिये मि छोड़े मिन यू संसार
वुंकि एक कुर्वानी लाखू माँ बैणयूँ कू कुटुंब कैरगी सुखी
कट जाली ज़िन्दगी मेरी ये ही सहरा पर की मिलन होलू हमरू अग्ल्या जन्म मा
बीर शहीदे की बिधवा बोलला लोग जब मैकू तै, त अपार खुशी होलि मेरा मनमा
स्वामी का कफ़न दगड़ी स्वामी का कफ़न दगड़ी आयुचा स्वामी कू आखरी रैबार
देश का खातिर शहीद व्हे ग्यों प्रिये मि छोड़े मिन यू संसार
प्रदीप सिंह रावत "खुदेड़"
"फ्योली की आँख्यूं मा आंसू" पुस्तक बटि सर्वाधिकार सुरक्षित
No comments:
Post a Comment