| माँ |
माँजी मेरि माँजी
ममता तेरी ममता
ऊँचा आगाश सी तेरी ममता
ऋतु चौमास सी तेरी ममता
चोट में लगी होलि पीड़ा त्वे ते व्हे
मन मेरु टूटी होलू आंखी तेरी रेवे
गिला माँ अफु से होलि सूखा मा मे सिवाई
अफू भूखी रै होलि अपड़ा बाँठो मे खिलाई
दूध सी दुध्याई तेरि ममता
गंगा सी छाई तेरि ममता
माँजी मेरि माँजी
ममता तेरी ममता
हाथ पकड़ी की तिन मेते सु बाटू बताई
मेरा अँधेरा मन मा ज्ञान कु दीप जगाई
पंख लगीं मेरा उडयो मे दूर गगन
छोड़ी अंचल तेरु हुयों मी मगन
शहद सी मीठी तेरि ममता
हियूं से चिठि तेरि ममता
माँजी मेरि माँजी
ममता तेरी ममता
अदभुत आनन्द मिल्दू छो तेरी हर थपकी मा
जीवन की सीख मिली मेते तेरी हर धमकी मा
आज जख भी छो मी तेरु ही आशीर्बाद चा
तेरि खैरी का आंसूं कू दियू मेरु कनु प्रसाद चा
हल्दी सी पूज्या तेरी ममता
नि क्वी दूज्या तेरी ममता
माँजी मेरि माँजी
ममता तेरी ममता
प्रदीप सिंह रावत
खुदेड़
"फ्योली की अन्ख्यों मा आंसू पुस्तक बटी
कॉपी राइट प्रदीप सिंह रावत
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