बोल सखी बोल
अपणा मनै की बात
किलै खिलाणान तेरा मनमा फूल आज
हाथूमा आज मेरा मेहंदी रंचीच
फुलूँ आज मेरी डोली सजी च
सौंजडया लेकि आणान लेकि आज बरात
आज पूरी होणी च मेरी मन मुराद
बोल सखी बोल
सासू ससुरा जी का बारामा क्या सोचणी छै
द्विर नणद का बारामा क्या सुप्न्या रचणी छै
सासूजी दैयाली मेते माँ जी कू दुलार
सोसरा जी दैयला मेते बाबा जी कू प्यार
नणद मेरी खास दगड्या बण जाली
द्विर मा मेते भैजीकी अनवार आली
बोल सखी बोल
तेरी आँख्यु मा किलै आणन आँसू
किलै खुदेणू च तेरू मन यू क्वांसू
छूटगी आज माँ जी की गोद
छूटगी आज बाबा जी की ओट
जन्म ले जै गौमा आज वू मैत व्हे ग्याई
यी बाटू अब मेकू मैत को बाटू बणी ग्याई
बोल सखी बोल
दगड़यों की भी आण त्वे कभी याद
भूल त नि जैली सैसुर जाणा का बाद
जौं दगड़यों की दगडी मं सुख दुःख बाँटी
बालपन बटी की आधी ज्वनि काटी
तुमारी याद मि अपड़ा दगड़ा लीजाणु छौ
शरील जाणू मेरू ज्यू तुम मा छोड़ जाणू छौ
खुदेड़ 11 .03 .2015
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अपणा मनै की बात
किलै खिलाणान तेरा मनमा फूल आज
हाथूमा आज मेरा मेहंदी रंचीच
फुलूँ आज मेरी डोली सजी च
सौंजडया लेकि आणान लेकि आज बरात
आज पूरी होणी च मेरी मन मुराद
बोल सखी बोल
सासू ससुरा जी का बारामा क्या सोचणी छै
द्विर नणद का बारामा क्या सुप्न्या रचणी छै
सासूजी दैयाली मेते माँ जी कू दुलार
सोसरा जी दैयला मेते बाबा जी कू प्यार
नणद मेरी खास दगड्या बण जाली
द्विर मा मेते भैजीकी अनवार आली
बोल सखी बोल
तेरी आँख्यु मा किलै आणन आँसू
किलै खुदेणू च तेरू मन यू क्वांसू
छूटगी आज माँ जी की गोद
छूटगी आज बाबा जी की ओट
जन्म ले जै गौमा आज वू मैत व्हे ग्याई
यी बाटू अब मेकू मैत को बाटू बणी ग्याई
बोल सखी बोल
दगड़यों की भी आण त्वे कभी याद
भूल त नि जैली सैसुर जाणा का बाद
जौं दगड़यों की दगडी मं सुख दुःख बाँटी
बालपन बटी की आधी ज्वनि काटी
तुमारी याद मि अपड़ा दगड़ा लीजाणु छौ
शरील जाणू मेरू ज्यू तुम मा छोड़ जाणू छौ
खुदेड़ 11 .03 .2015
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