हे दीदा काली दास ढोली
हे चुचा देव वाणी च तेरी बोली
माता का वृत आज तू भने दी
पांच पांडवो तै चौक मा बुलेदी
वृत भनो तू सहदेव की पाटी का
वीरता किस्सा सुणो धनजय खाती का
हे दीदा काली दास ढोली
हे चुचा देव वाणी च तेरी बोली
बलशाली भीम सेन का तू ज्यूंदाळ् चढ़ेदी
राणी द्रौपदी की तू वार्ता लगे दी
धर्मराज कू धरम कू सुणो तू काज
अभिमन्यु कू चक्रब्यू भारत लगो आज
हे दीदा काली दास ढोली
हे चुचा देव वाणी च तेरी बोली
जनक जोड़ व्हेगी तू लगो सेरे की सवाई
फुलेरा गोविन्द कंडीमा फूल लेकी आई
खुद मा खुदेणी च दिशा ध्यान रूपेणा
नागलोक बाटी आई नागलोक सेणा
हे दीदा काली दास ढोली
हे चुचा देव वाणी च तेरी बोली
भर -भर कैकि भभरिक सुलू बुखान्दू
भीम दगडी कल्या दादा अणस्यो लगान्दू
भैरो की चाल चलो तू लगो हनुमान को बाजू
इन छणको तमासार ढोल तू हर देवता नाचू
हे दीदा काली दास ढोली
हे चुचा देव वाणी च तेरी बोली
प्रदीप रावत खुदेड़''

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