मैत बटि रैबार अयुचा
हे जी मिन मौरी कौथिग जाण
सूण हे ब्वारी मेरी भी लालसा
मिन भी मौरी कौथिग आण
दो दगड्या मेरि मैत आणी होली
मेते मेरि दगड्या खुज्याणी होली
बरसू की खुद मिन वूमा बिसराण
हे जी मिन मौरी कौथिग जाण
उम्र कू चा मेरू आखरी पड़ौ
हे ब्वारी मेंतै भी तू मौरी कौथिग लीजौ
सत का ज्यूंदाळ् मिन भी लगाण
हे ब्वारी मिन भी मौरी कौथिग आण
हे दिन हे रात्यूं तुम छोटी व्हे जावा
में तै अब और इंतज़ार नि करवा
खुद मा खुदेणू च मेरु प्राण
हे जी मिन मौरी कौथिग जाण
सुण हे भाभी मेरि भी तू बात
मिन भी देखण पंडो कू नाच
ढोल्या मिन भी काँध मा उठाण
हे भाभी मिन भी मौरी कौथिग आण
मैत ता मि आंदी जांदी रयो
पर इना दिन कभी नि जियो
भैरो मा मिन भेलि घान्ड चणाण
हे जी मिन मौरी कौथिग जाण
प्रदीप रावत ''खुदेड़''
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हे जी मिन मौरी कौथिग जाण
सूण हे ब्वारी मेरी भी लालसा
मिन भी मौरी कौथिग आण
दो दगड्या मेरि मैत आणी होली
मेते मेरि दगड्या खुज्याणी होली
बरसू की खुद मिन वूमा बिसराण
हे जी मिन मौरी कौथिग जाण
उम्र कू चा मेरू आखरी पड़ौ
हे ब्वारी मेंतै भी तू मौरी कौथिग लीजौ
सत का ज्यूंदाळ् मिन भी लगाण
हे ब्वारी मिन भी मौरी कौथिग आण
हे दिन हे रात्यूं तुम छोटी व्हे जावा
में तै अब और इंतज़ार नि करवा
खुद मा खुदेणू च मेरु प्राण
हे जी मिन मौरी कौथिग जाण
सुण हे भाभी मेरि भी तू बात
मिन भी देखण पंडो कू नाच
ढोल्या मिन भी काँध मा उठाण
हे भाभी मिन भी मौरी कौथिग आण
मैत ता मि आंदी जांदी रयो
पर इना दिन कभी नि जियो
भैरो मा मिन भेलि घान्ड चणाण
हे जी मिन मौरी कौथिग जाण
प्रदीप रावत ''खुदेड़''
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