ब्वारि इन चयेणी मेंतै
ज्वा गढवोळी दगड़ा अंग्रजी मा बी बच्यांदी होलि,
घास कटणा दगड़ा फेसबुक वॉट्सअफ बी चलान्दी होलि,
जादा टीब्यू डब न हो गौणी बांदर बी भगान्दी होलि
ब्वारि इनि चहेणी मेतै!
ज्वा सभ्यू तै भै जा,
जै देखी की घारमा रौनक एैजा।
ज्वा गढवोळी दगड़ा अंग्रजी मा बी बच्यांदी होलि,
घास कटणा दगड़ा फेसबुक वॉट्सअफ बी चलान्दी होलि,
जादा टीब्यू डब न हो गौणी बांदर बी भगान्दी होलि
ब्वारि इनि चहेणी मेतै!
ज्वा सभ्यू तै भै जा,
जै देखी की घारमा रौनक एैजा।
ब्वारि इनि चहेणी मेतै!
ज्वा पिज्जा चौमिना आलावा पल्यो छछेंडू बी बणांदी होलि,
करवा चौथ न सहि पर एगास बग्वाळ जरूर मनांदी होलि,
चाइनीज लड़ी का दगड़ा कड़ू तेलो दीया बी जगांदी होलि,
ब्वारि इनि चहेणी मेतै!
ज्वा पिज्जा चौमिना आलावा पल्यो छछेंडू बी बणांदी होलि,
करवा चौथ न सहि पर एगास बग्वाळ जरूर मनांदी होलि,
चाइनीज लड़ी का दगड़ा कड़ू तेलो दीया बी जगांदी होलि,
ब्वारि इनि चहेणी मेतै!
ब्वारि इनि चहेणी मेतै!ज्वा जींस टॉपा दगड़ा बाजू बंद बी लगांदी होली,
नौनो ते अंग्रजी दगड़ा गढवोळी भाषा बी सिखांदी हो,
चेतन भगत शैक्सपियर दगड़ा पहाड़ी साहित्य बी पढ़ांदी होलि
ब्वारि इनि चहेणी मेतै!
नौनो ते अंग्रजी दगड़ा गढवोळी भाषा बी सिखांदी हो,
चेतन भगत शैक्सपियर दगड़ा पहाड़ी साहित्य बी पढ़ांदी होलि
ब्वारि इनि चहेणी मेतै!
पंजाबी गीतू मा न सहि पर गढवोळी गीतूंमा सभ्यू तै नचांदी होलि,
मे देखी की न सहि पर जेठणा जी देखी सरमांदी होलि,
हिंदी गीतूं का दगड़ा गढवोळी गीत बी गुनगुनांदी होलि,
थैल्या दूधा भरोंसा नि रा गोड़ी भैंसी बी पिजांदी होलि,
ब्वारि इनि चहेणी मेतै!
मे देखी की न सहि पर जेठणा जी देखी सरमांदी होलि,
हिंदी गीतूं का दगड़ा गढवोळी गीत बी गुनगुनांदी होलि,
थैल्या दूधा भरोंसा नि रा गोड़ी भैंसी बी पिजांदी होलि,
ब्वारि इनि चहेणी मेतै!
जैंते शैर घुमणो शौक हो पर गोर बखरा बी चरांदी होलि
चटि पटि खाणे दगड़ा घार मा ढबड़ी रोटि बी पकांदी होलि,
खदरै धोती मा धुपा ऐना बी लगांदी होलि,ब्वारि इनि चहेणी मेते!
चटि पटि खाणे दगड़ा घार मा ढबड़ी रोटि बी पकांदी होलि,
खदरै धोती मा धुपा ऐना बी लगांदी होलि,ब्वारि इनि चहेणी मेते!
हम उम्र लोगूं कू हैलो हाय पर दाना सयेणो ते सेवा लगांदी होलि,
जादा गारू न पर डांडा बटि लकड़ा बी लांदी होलि,
ऊंच बिचार हो वींका भले कनी बी हो कद काठी,
चकड़ैतू कू चकड़ैत हो लाटा मनख्यूं कू हो लाटी,
ब्वारि इनि चहेणी मे ते!
जादा गारू न पर डांडा बटि लकड़ा बी लांदी होलि,
ऊंच बिचार हो वींका भले कनी बी हो कद काठी,
चकड़ैतू कू चकड़ैत हो लाटा मनख्यूं कू हो लाटी,
ब्वारि इनि चहेणी मे ते!
ज्वा हैरी मरच जन तीखी हो,
भला मनख्यूं कू फीकी हो,
मयाळू हो, दयाळू हो, न गोरी न चिटी हो,
बस दगड़्यो मन की मीठी हो, मन की मीठी हो,
भला मनख्यूं कू फीकी हो,
मयाळू हो, दयाळू हो, न गोरी न चिटी हो,
बस दगड़्यो मन की मीठी हो, मन की मीठी हो,
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