बुण्या सुप्न्या सब हमरा टुटी गैन
बिश्वास कैरी जोमा हमन, वी हमते लूटी गैन
झंडा छो हाथ हमरा सभ्यूं कू छो एक ही नारू
आस लगई छे स्भ्यूं की उत्तराखंड बाणोलू हमरू
गंगा जमुना भी नारा लगाणी छे हिमालय लेणू छो अंगड़ाई
कोदू झगोरो खैकि ते हमन यूं उत्तराखंड बणाई
हाथ टूटीन, खुट्टा टूटीन कयूं का कापव फूटि गैन
बिश्वास कैरी जोमा हमन, वी हमते लूटी गैन
हमरी माँ बैण्यो पर टूटी दुःख बिपदो कू पहाड़
जगा जगा बटी लगाणी छे वु शेरणी सी दहाड़
यूं की कुर्बानी ते भी नि करदन स्यू अब याद
खैर खबर नि लेन्दन स्यू जीतणा का बाद
यूं का पैथर हिट्द हिट्द घिसी हमरी खुट्टी गैन
बिश्वास कैरी जोमा हमन, वी, हमते लूटी गैन
चुनाव मा दिखेन्दन यूं बस्ग्यला गुरोओ सी
घार घार बोट मांगणू जन्दन यूं बिग्यू बिरोवू सी
एक न हज़ार वादा यू जनता का बीच कैरी जन्दन
पाँच साल से पहली यू मुखजातरा नि दिखान्दन
जनतो कू बाँठो खैकी बिना पाणी कू घूटी गैन
बिश्वास कैरी जोमा वी हमते लूटी गैन
साहब क्या चपरसी भी इख रिश्वत खाणू च
हमरी आंख्यू की समणी हमरू पहाड़ कुबाठा जाणू च
बिज़ी जावा भै बन्धु तूम धाद लगाणू यू बद्री केदार
बरबादी की तरफ जाण से बचवा ये पहाड़
इतिहास गवा च जू उठीन देर से वु पैथर छुटी गैन
बिश्वास कैरी जोमा हमन वी हमते लूटी गैन
अपड़ा मतलब का खातिर बणे यूँ देहरादून राजधानी
अफू छातपोई नयेणा छन गाँव मा नी आणू च पेणू कू पाणी
गैरीसैण बणोला राजधानी दिलाणा रैन्दन हमते दिलासा
या सरकार बणाली वा सरकार बणाली जनता लगी च आसा
बुण्या सुप्न्या सब हमरा टुटी गैन
बिश्वास कैरी जोमा हमन, वी हमते लूटी गैन
"http://"
बिश्वास कैरी जोमा हमन, वी हमते लूटी गैन
झंडा छो हाथ हमरा सभ्यूं कू छो एक ही नारू
आस लगई छे स्भ्यूं की उत्तराखंड बाणोलू हमरू
गंगा जमुना भी नारा लगाणी छे हिमालय लेणू छो अंगड़ाई
कोदू झगोरो खैकि ते हमन यूं उत्तराखंड बणाई
हाथ टूटीन, खुट्टा टूटीन कयूं का कापव फूटि गैन
बिश्वास कैरी जोमा हमन, वी हमते लूटी गैन
हमरी माँ बैण्यो पर टूटी दुःख बिपदो कू पहाड़
जगा जगा बटी लगाणी छे वु शेरणी सी दहाड़
यूं की कुर्बानी ते भी नि करदन स्यू अब याद
खैर खबर नि लेन्दन स्यू जीतणा का बाद
यूं का पैथर हिट्द हिट्द घिसी हमरी खुट्टी गैन
बिश्वास कैरी जोमा हमन, वी, हमते लूटी गैन
चुनाव मा दिखेन्दन यूं बस्ग्यला गुरोओ सी
घार घार बोट मांगणू जन्दन यूं बिग्यू बिरोवू सी
एक न हज़ार वादा यू जनता का बीच कैरी जन्दन
पाँच साल से पहली यू मुखजातरा नि दिखान्दन
जनतो कू बाँठो खैकी बिना पाणी कू घूटी गैन
बिश्वास कैरी जोमा वी हमते लूटी गैन
साहब क्या चपरसी भी इख रिश्वत खाणू च
हमरी आंख्यू की समणी हमरू पहाड़ कुबाठा जाणू च
बिज़ी जावा भै बन्धु तूम धाद लगाणू यू बद्री केदार
बरबादी की तरफ जाण से बचवा ये पहाड़
इतिहास गवा च जू उठीन देर से वु पैथर छुटी गैन
बिश्वास कैरी जोमा हमन वी हमते लूटी गैन
अपड़ा मतलब का खातिर बणे यूँ देहरादून राजधानी
अफू छातपोई नयेणा छन गाँव मा नी आणू च पेणू कू पाणी
गैरीसैण बणोला राजधानी दिलाणा रैन्दन हमते दिलासा
या सरकार बणाली वा सरकार बणाली जनता लगी च आसा
बुण्या सुप्न्या सब हमरा टुटी गैन
बिश्वास कैरी जोमा हमन, वी हमते लूटी गैन
No comments:
Post a Comment